कैसे कैसे हादसे सहते रहे
फिर भी हम जीते रहे हँसते रहे
उसके आ जाने की उम्मीदें लिए
रास्ता मुड़ मुड़ के हम तकते रहे
वक़्त तो गुज़रा मगर कुछ इस तरह
हम चिरागों की तरह जलते रहे
कितने चेहरे थे हमारे आस-पास
तुम ही तुम दिल में मगर बसते रहे
कैसे कैसे हादसे सहते रहे
फिर भी हम जीते रहे हँसते रहे
उसके आ जाने की उम्मीदें लिए
रास्ता मुड़ मुड़ के हम तकते रहे
वक़्त तो गुज़रा मगर कुछ इस तरह
हम चिरागों की तरह जलते रहे
कितने चेहरे थे हमारे आस-पास
तुम ही तुम दिल में मगर बसते रहे
kaise kaise hādse sahte rahe
phir bhī ham jīte rahe hṇste rahe
uske ā jāne kī ummīdeṅ lie
rāstā muड़ muड़ ke ham takte rahe
vaक़t to guज़rā magar kuchh is tarah
ham chirāgoṅ kī tarah jalte rahe
kitne chehre the hamāre ās-pās
tum hī tum dil meṅ magar baste rahe