जिंदगी फूलों की नहीं
फूलों की तरह महकी रहे
जब कोई कही गुल खिलता है
आवाज़ नहीं आती लेकिन
खुशबू की खबर आ जाती है
खुशबू महकी रहे
जब राह कही कोई मुड़ती है
मंज़िल का पता तो होता नहीं
एक राह पे राह मिल जाती है
राहें मुड़ती रहे
जिंदगी फूलों की नहीं
फूलों की तरह महकी रहे
जब कोई कही गुल खिलता है
आवाज़ नहीं आती लेकिन
खुशबू की खबर आ जाती है
खुशबू महकी रहे
जब राह कही कोई मुड़ती है
मंज़िल का पता तो होता नहीं
एक राह पे राह मिल जाती है
राहें मुड़ती रहे
jiṅdgī phūloṅ kī nahīṅ
phūloṅ kī tarah mahkī rahe
jab koī kahī gul khiltā hai
āvāz nahīṅ ātī lekin
khuśhbū kī khabar ā jātī hai
khuśhbū mahkī rahe
jab rāh kahī koī muṛtī hai
maṅzil kā patā to hotā nahīṅ
ek rāh pe rāh mil jātī hai
rāheṅ muṛtī rahe