झनक झनक तोरी बाजे पायलिया
प्रीत के गीत सुनाये पायलिया
रंग महल और रैन सुहानी
छम छम नाचे मस्त जवानी
मै लहरोंमें खोया जाऊँ
ऐसी धूम मचाये पायलिया
ये कजरारी चंचल अँखियाँ
होंठ गुलाबी फुल की पतियाँ
लट बिखरे तो गालपें ठहरे
होश जियाके उडाये पायलिया
इन्द्रधनुषका लोच कमरिया
ब्रिंदाबनकी जैसे गुजरिया
भाव निरत से कर दे जादू
आग में आग लगाये पायलिया