जाऊँ तो कहाँ जाऊँ Year 1973 Language Hindi जाऊँ तो कहाँ जाऊँ सबकुछ यहीं है तेरे घर के बाहर तो न दुनिया न दिन है जैसे भी राखो बिहारी मोहे जग तो पुकारे तिहारी मोहे तेरे द्वार आके जाना नहीं है प्रीत तेरे संग जोड़ी पिया चुनरी तेरे रंग ओढ़ी पिया कहीं और घुँघटा उठाना नहीं है