हाँ
ना
हाँ
हो…
(हो गुम-सुम क्यों है सनम
अब ज़रा मान जा
प्यार का ये मौसम है
ऐसे में दिल न जला) - 2
गुम-सुम क्यों है सनम - 2
(जाने बूझे नज़र चुराये
दिल की बातें समझ न पाये
ओ सितमगर देख अब तो हो जा महरबाँ) - 2
दर्द दिया है तो दे दे दवा
गुम-सुम …
(कब से है बेक़रार ये दिल
कब से कहती हूँ झूमके मिल
ओ अनाड़ि बन खिलाड़ि ले ले बाहोन में) - 2
कैसे पिया से मेरा पला पड़ा
गुम-सुम …