इस दुनिया में अपना क्या है
कहने को सब कुछ अपना है
तेरे साथ गयी वो रौनक
अब इस शहर में रखा क्या है
इस नगरी के कुछ लोगों ने
दुःख का नाम दवां रखा है
इस दुनिया में अपना क्या है
कहने को सब कुछ अपना है
तेरे साथ गयी वो रौनक
अब इस शहर में रखा क्या है
इस नगरी के कुछ लोगों ने
दुःख का नाम दवां रखा है
is duniyā meṅ apnā kyā hai
kahne ko sab kuchh apnā hai
tere sāth gayī vo raunak
ab is śhahar meṅ rakhā kyā hai
is nagrī ke kuchh logoṅ ne
duḥakh kā nām davāṅ rakhā hai