नैना दो न्यारे..
जो बाट देखे, थकते ना रे..
हल्का नेह दोनों में
छलका स्नेह दोनों में
बोले ना..
बाँहों का झूला, बन झूला देना
लोरिया गा के थपकियां देना
रूठ कर, जो रोया
आँख का सपना मेरा
टूट कर जो खोया
कर के सौ बहाने
नींद सी जादू भरी
गोद में ही सोया
अब ना मछली गीत गाती है
ना बरगद बोलता है...तेरे बिना