बुझने लगी है शम्मा तेरे इन्तजार की
अब आ भी जा कि टूट चली आस प्यार की
देखूं कब तक तेरी मैं राह सजना
चाँद तारों की बारात जाने लगी
अब तो आजा पिया रात जाने लगी
तुझे ढूंढे है मेरी निगाह सजना
फूल शाखों पे आराम से सो गए
तुम न जाने न जाने कहाँ खो गए
मुझे सोने न दे तेरी चाह सजना
मेरी आँखों में सावन है छाया हुआ
तुझसे कहता है दिल घबराया हुआ
मेरा आके बता दे गुनाह सजना