चाँद रात तुम हो साथ
क्या करें अजी अब तो दिल मचल मचल गया
दिल का ऐतबार क्या
क्या करोगे जी कल जो ये बदल बदल गया
ज़ुल्मी नज़र कैसी निडर दिल चुरा लिया
जाने किस अजब से देश में बुला लिया
ये भी कोई दिल है क्या, जहाँ मौक़ा मिला फिसल फिसल गया
सुनिए जरा मैंने कहा मत सताईये
अपने आप अपनी राह लौट जाईये
ये वो राहें नहीं जिसपे चल के कोई संभल संभल गया
बहके कदम अब तो सनम बाँह थाम लो
अपनी नज़र अपनी निगाहों से काम लो
आप का क्या गया, फूल सा दिल मेरा कुचल कुचल गया