अपने हाथों की लकीरों में बसा ले मुझको
मैं हूँ तेरा तो नसीब अपना बना ले मुझको
मुझसे तू पूछने आया है वफ़ा है के मानी
ये तेरी सादादिली मार ना डाले मुझको
खुदको मैं बाँट ना डालूँ कहीं दामन दामन
कर दिया तूने अगर मेरे हवाले मुझको
वादा फिर वादा है मैं ज़हर भी पी जाऊँ क़तील
शर्त ये है कोई बाहों में सँभाले मुझको